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वक्फ बिल से अल्पसंख्यक आबादी के अधिकारों पर आक्रमणः शिल्पी नेहा


रांची: वक्फ बिल में संशोधन देश के 27% मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध अल्पसंख्यक आबादी के अधिकारों पर आक्रमण है। आज इस विधेयक के माध्यम से मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को छीना गया है आने वाले समय में अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों पर यह हमला होगा।

उक्त आरोप कृषि पशुपालन मत्स्य एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने केंद्र सरकार पर लगाया। उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14,25 एवं 30 के अनुसार अल्पसंख्यकों को अपनी संपत्तियों के स्वामित्व का प्रबंधन, धर्म का प्रचार प्रसार करने के लिए कई मौलिक अधिकार दिए गए हैं। इस विधेयक के माध्यम से भाजपा ने नॉरेटिव बनाने की कोशिश की है। भाजपा ने कई ऐसे विधेयक सदन से पारित कराया है जिस पर चर्चा नहीं हुई है। भाजपा समाज, जनता और मीडिया को दिखाती कुछ है मगर उनकी अंदरूनी कार्य योजना कुछ और होती है।


रखण्ड पदेश कस

भाजपा ने सदन में 8 घंटे की चर्चा के माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की है कि यह देश 27% अल्पसंख्यकों का नहीं है। वक्फ बिल संशोधन के मामले में भाजपा देश के सामने सिर्फ झूठ परोस रही है। भाजपा इस बिल में संशोधन के पक्ष में मुस्लिम सशक्तिकरण की बात करती है लेकिन देश का हर मुस्लिम, समाज का हर तबका जानता है कि भाजपा मुसलमान की हितैसी नहीं है। भाजपा ने इस बिल के माध्यम से बताने का प्रयास किया है कि यह देश संविधान और कानून से नहीं बल्कि भाजपा के कानून से चलेगा। भाजपा इस संशोधन के माध्यम से मुस्लिम महिलाओं को अधिकार देने की बात करती है लेकिन सच्चाई है कि मुस्लिम महिलाओं को भाजपा हमेशा नीचा दिखाने का काम करती है।

 भाजपा को बताना चाहिए कि उनके दल में कितनी मुस्लिम महिला सांसद, विधायक है। अगर भाजपा को मुस्लिम महिलाओं की इतनी चिंता है तो आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 50% और उसमें से 10% इस बिल के संबंध में भाजपा कहती हैं कि इससे आदिवासियों की जमीनों का संरक्षण होगा। भाजपा आदिवासियों की हितैषी बनने का प्रयास करती है लेकिन यह सिर्फ मुखौटा है। 2014 में भाजपा सरकार ने लैंड बैंक बनाकर आदिवासियों का सरना, मसना, हड़गड़ी गैरमजरूआ आम जमीन को उसमें डाल दिया।

उन्होंने कहा जी अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए भाजपा सरकार ने 21 लाख एकड़ जमीनों को लैंड बैंक में डाला और 201 से ज्यादा एमओयू किए। भाजपा के शासनकाल में सिर्फ 3 मिनट के अंदर आदिवासी जमीनों के संरक्षण के सबसे बड़े कानून सीएनटी एसपीटी कानून को बदलने की कोशिश की गई। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि भाजपा दोहरी बातें करती हैं। सदन में केंद्रीय मंत्री इस बिल के संबंध में मुस्लिम सशक्तिकरण की बातें करते हैं और राज्य में भाजपा नेता कांग्रेस झामुमो पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हैं। 

प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की पहचान की रक्षा नहीं कर रहे हैं बल्कि वह अतीत में खुद के द्वारा किए गए आदिवासी विरोधी कार्यों को लोगों के दिमाग से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर रघुवर दास आदिवासी भूमि की रक्षा के हितैषी हैं तो उन्हें यह बताना चाहिए कि भाजपा ने अपने शासित राज्यों में भूमि संरक्षण कानून को कमजोर करने का प्रयास क्यों किया। यदि भाजपा वास्तव में पांचवी अनुसूची क्षेत्र की रक्षा करना चाहती है तो उसे बताना चाहिए कि कॉरपोरेंट खरीदारों और रियल स्टेट डेवलपर्स पर समान भूमि प्रबंध या समान कानून लागू करने के विषय में वह क्या सोचती है। भाजपा केवल वक्फ संपत्तियों को लक्षित करने के मंसूबे के साथ करना चाहिए.

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