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चौपारण सियारकोनी से लेकर चौपारण जीटी रोड पर वन विभाग का चला बुलडोजर, अवैध होटल और झोपड़ियां जमींदोज

चौपारण : चौपारण जीटी रोड पर वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए वन विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने विशाल अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व हजारीबाग वन्य प्राणी के प्रशिक्षु डीएफओ मोहित बंसल और एसीएफ ए.के. परमार ने किया। कार्रवाई के दौरान कई अवैध होटल और झोपड़ियां तोड़ी गईं, जिससे अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया।

बुलडोजर से हटाया गया अवैध कब्जा

अभियान के तहत जीटी रोड के किनारे बनी झोपड़ियां, होटल और अन्य अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। वन विभाग ने बुलडोजर और अन्य संसाधनों का उपयोग कर तेजी से कार्रवाई को अंजाम दिया।

संयुक्त अभियान में पुलिस और वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

इस अतिक्रमण विरोधी अभियान में हजारीबाग पश्चिमी वन प्रमंडल और हजारीबाग वन्य प्राणी विभाग की टीम ने चौपारण पुलिस बल के साथ मिलकर कार्रवाई की। इस दौरान वन विभाग और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

अभियान में शामिल प्रमुख अधिकारी:

प्रशिक्षु डीएफओ: मोहित बंसल (वन्य प्राणी, हजारीबाग)एसीएफ: ए. के. परमार (हजारीबाग पश्चिमी वन प्रमंडल)सदर वनपाल ओम प्रकाश, विद्याभूषण, गोपी पासवान, आनंद सिंह,वनरक्षी चेतन कुमार

चौपारण वनपाल पंकज कुमार, अजीत कुमार गंझु,बरही वनपाल संतु कुमार वनरक्षी शिशिर मिंज, मनोरंजन कुमार।चौपारण पुलिस बलअधिकारी और जवान शामिल थे।

अवैध कब्जों पर कार्रवाई क्यों?

वन विभाग के अनुसार, जीटी रोड किनारे अतिक्रमण कर बनाए गए होटल और झोपड़ियां वन भूमि पर अवैध कब्जे का हिस्सा थे, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा था। इसके अलावा सड़क किनारे गंदगी और यातायात बाधित हो रहा था, सियरकोनी घाटी में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही थी,वन विभाग को लगातार मिल रही थीं अवैध कब्जों की शिकायतें।

वन विभाग की सख्त चेतावनी

अभियान के दौरान वन विभाग वनपाल पंकज कुमार ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में वन भूमि पर कोई भी अवैध निर्माण पाया गया तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुनः कब्जा करने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

वन विभाग की इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए इस कदम का समर्थन किया, तो वहीं अतिक्रमणकारियों ने विस्थापन को लेकर चिंता जताई।

क्या अब जंगल में बने घरों पर होगी कार्रवाई?

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जीटी रोड के बाद जंगल में बने झोपड़ियों और घरों पर भी वन विभाग कार्रवाई करेगा? स्थानीय लोग इस पर वन विभाग से जवाब मांग रहे हैं।

आगे भी चलेगा अतिक्रमण विरोधी अभियान

वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध कब्जाधारियों को चिन्हित कर वन भूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करने की योजना बनाई जा रही है।

वन विभाग ने अपील की है कि लोग सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न करें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें।

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