• एक स्वस्थ और जिम्मेदार मीडिया को बढ़ावा दें, जो समाज के लिए फायदेमंद हो
• पत्रकार समुदाय सांप्रदायिक व अफवाह फैलाने वाले खबरों से बचें: उपायुक्त
हज़ारीबाग़: फेसबुक संचालन करने वाले नागरिक तथा वॉट्सअप ग्रुप एडमिन अपने ग्रुप में धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाले संदेश के लिए जिम्मेदार होंगे फर्जी खबरें एक गंभीर समस्या है और गलत सूचना या भ्रामक सूचना फैलाना भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 दोनों के तहत अपराध है: डीसी
समाचार जारी करने से पहले खबरों की सत्यता की जांच कर लें
हमारे समाज में सोशल मीडिया, वेब पोर्टल, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से फैलने वाली अफवाहों और सांप्रदायिक समाचारों की समस्या एक गंभीर चुनौती बन गई है। यह न केवल हमारे समाज की एकता और सामाजिक सौहार्द को कमजोर करता है, बल्कि इससे पैनिक की स्थिति भी उत्पन्न होते रहती है।
इन समस्याओं से हमें जूझना न पड़े इसलिए उपायुक्त श्रीमती नैंसी सहाय ने सभी अधिकृत व अनाधिकृत पत्रकार और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर से अपील की है कि वे प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया और वेब पोर्टल पर सांप्रदायिक समाचार न डालें और न ही अफवाहों को फैलाने में अपना योगदान दें। हम उम्मीद करते हैं कि इस तरह हम एक स्वस्थ और जिम्मेदार मीडिया को बढ़ावा दे सकते हैं जो समाज के लिए फायदेमंद हो।
उन्होंने कहा कि हम यह भी स्पष्ट करना चाहते हैं कि यदि कोई अधिकृत व अनाधिकृत पत्रकार, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर सांप्रदायिक समाचार या अफवाहें फैलाता है, तो हमें मजबूरन कानूनी कार्रवाई करनी पड़ सकती है। हमें विश्वास है कि पत्रकार समुदाय हमारे इस अनुरोध का पालन करेगा और समाज में शांति और सौहार्द को बनाए रखने में मदद करेगा।
इन धाराओं के तहत की जाएगी कार्रवाई
वॉट्सअप, फेसबुक व सोशल मीडिया के अन्य साधनों से आपत्तिजनक पोस्ट करने एवं धार्मिक भावनाएं भड़काने वालों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिये है। जारी आदेश के अनुसार आपत्तिजनक संदेश, फोटो या वीडियों को फारवर्ड करने अथवा पोस्ट करने पर ग्रुप एडमिन तथा संदेश प्रसारित करने वाले के विरूद्ध यह दण्डात्मक कार्यवाही होगी। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्यवाही की जायेगी।
फेसबुक संचालन करने वाले नागरिक तथा वॉट्सअप ग्रुप एडमिन अपने ग्रुप में धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाले संदेश के लिए जिम्मेदार होंगे। अतः वे स्वयं ऐसा कोई विवादास्पद संदेश न तो खुद प्रसारित करे और ना ही अपने ग्रुप के सदस्यों को ऐसा करने दें। यदि वॉट्सअप ग्रुप में कोई आपत्तिजनक संदेश ग्रुप के किसी भी सदस्य द्वारा प्रसारित किया जाता है तो एडमिन की जिम्मेदारी होगी कि वह इसके संबंध में निकटतम पुलिस थाने को सूचित करे। ऐसा न करने पर ग्रुप एडमिन घटना के लिए जिम्मेदार माना जायेगा। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे वॉट्सअप अथवा फेसबुक पर किसी धर्म सम्प्रदाय के संबंध में आपत्तिजनक संदेश या चित्र फारवर्ड न करे।
0 Comments