रांची: कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में गुलाम अहमद मीर को प्रदेश प्रभारी पद से हटाते हुए के राजू की इस पद पर नियुक्ति की है। के राजू लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विश्वस्त और उनकी कोर टीम का हिस्सा हैं।
कौन हैं के राजू?
आंध्रप्रदेश कैडर के 1981 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे के राजू ने वर्ष 2013 में स्वैच्छिक सेवानिवृति ले ली थी। वे केंद्र में तत्कालीन यूपीए सरकार के वक्त सोनिया गांधी के नेतृत्व में गठित राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के सचिव थे। सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, मनरेगा और खाद्य सुरक्षा बिल का ड्राफ्ट तैयार करने में उनकी अहम भूमिका थी। कांग्रेस महासचिव महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ने इस आशय का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को पंजाब का प्रभारी महासचिव और डा. सैदर नसीर हुसैन को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख का प्रभारी महासचिव घोषित किया है।
अन्य राज्यों में भी बदले प्रभारी
इसके अलावा रजनी पाटिल हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़, बीके हरिप्रसाद हरियाणा, हरिश चौधरी मध्यप्रदेश, गिरिश चोडणकर तमिलनाडु एवं पुडुचेरी, अजय कुमार लुलु ओडिशा, मीनाक्षी नटराजन तेलंगाना, सप्तगिरी शंकर उल्का मणिपुर, त्रिपुरा एवं सिक्किम एवं कृष्णा अलावारु बिहार के प्रभारी बनाए गए हैं।कोर एजेंडे पर कांग्रेस का फोकस के राजू को झारखंड प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने के ठीक पहले आलाकमान ने सभी मंत्रियों और विधायकों को दिल्ली बुलाकर बैठक की थी। इसमें कांग्रेस के कोर एजेंडे पर फोकस करने की हिदायत दी गई है। के राजू पर इसका दबाव होगा कि वे जातीय जनगणना के साथ-साथ उन वादों पर पार्टी को खरा उतारे, जो चुनाव के दौरान किए गए थे।
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