लखनऊः मौनी अमावस्या पर महाकुंभ मेला में संगम तट पर हुई भगदड़ को लेकर बयान देते समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक हो गए. मीडिया को भगदड़ से संबंधित विस्तार से जानकारी देते हुए सीएम का गला रुंध गया.
इसके बाद सीएम योगी ने खुद को संभाला और कहा कि यह घटना दुखद है, मर्माहत करने वाली है. उन सभी परिजनों के प्रति हमारी पूरी संवेदना है. हम लोग रात से ही मेला प्रशासन के संपर्क में हैं. मेला प्राधिकरण, पुलिस प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित जितनी भी अन्य व्यवस्थाएं हो सकती थीं, वहां पर तैनात किया गया है.
सीए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया गया है. जिसमें पूर्व न्यायाधीश हर्ष कुमार, पूर्व डीजी वीके गुप्ता और रिटायर्ड आईएएस डीके सिंह कमेटी में शामिल हैं. इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी. हादसे की विस्तृत पड़ताल की जाएगी. प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक कल मौके पर जाएंगे. पुलिस के स्तर से भी जांच करवाएंगे कि आखिर कैसे हादसा हुआ.
सीएम योगी ने कहा कि कल 7 बजे से ही काफी ज्यादा संख्या में श्रद्धालु स्नान भी कर रहे थ. काफी बड़ी संख्या में श्रद्धालु ब्रह्म मूहर्त का भी इंतजार कर रहे थे. ये दुर्भाग्यपूर्ण हादसा इसी दौरान अखाड़ा मार्ग पर संगम के तट पर हुआ. जिसमें 90 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से या सामान्य रुप से घायल हुए. हादसा भीड़ के द्वारा अखाड़ा मार्ग के बैरेकिटिंग्स को तोड़ने और उसके बाद कूद करके जाने के कारण हुआ है. इस हादसे में 30 की दुखद मृत्यु हुई है. 36 घायलों को इलाज चल रहा है. बाकि अन्य घायलों को उनके परिजन लेकर चले गए हैं.
सीएम योगी ने कहा कि हादसे के 5 मिनट के अंदर घटनास्थल पर एंबुलेंस पहुंची और पुलिस के जवान, पीड़ितों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. इस दौरान सुचारू रूप से अमृत स्नान चलता रहा. सभी अखाड़े के संतों और शंकराचार्य के साथ लगभग 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया. उन्होंने कहा कि वह रात साढ़े 03 बजे से वॉर रूम से अधिकारियों को निर्देश देते रहे. 4 बार प्रधानमंत्री मोदी को फोन पर दिया दुर्घटना, राहत और बचाव कार्यों का अपडेट दिया. गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी फोन पर जानकारी दी.
सीएम योगी ने कहा कि मेला प्रशासन, मेला पुलिस की सजगता और सक्रियता से इस बड़े हादसे को सीमित कर दिया. खुद इस घटना की पल-पल की रिपोर्ट लेते रहे. सुबह घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों से अपडेट लिया और तड़के ही अपने सरकारी आवास पर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के साथ उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए. सीएम योगी ने कहा कि इन मुद्दों पर पर प्रश्न उठना स्वभाविक भी है.
0 Comments