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विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अंतर्गत बी०फार्मा का पाठ्यक्रम हुआ आरम्भ

ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हजारीबाग बना विश्वविद्यालय का पहला बी फार्मा कॉलेज

हजारीबाग : विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग द्वारा बी फार्मा पाठ्यक्रम का प्रारम्भ ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सदानन्द रोड, पी डब्ल्यू डी चौक, हजारीबाग में सत्र 2023-27 से प्रारम्भ हुआ है। यह महाविद्यालय विनोबा भावे विश्वविद्यालय का पहला बी फार्मा महाविद्यालय है। ज्ञात हो कि फार्मेसी कॉउंसिल ऑफ इंडिया के द्वारा वर्ष 2023 में ही इस महाविद्यालय को मान्यता प्रदान किया गया था, लेकिन विनोबा भावे विश्वविद्यालय द्वारा अभी वर्तमान में इसका संबंधन संबंधी अधिसूचना जारी किया गया है। क्योंकि उक्त महाविद्यालय में डिप्लोमा इन फार्मेसी की पढ़ाई वर्ष 2019 से ही संचालित हो रही है। महाविद्यालय पठन-पाठन की आधुनिक तकनीकों और उपकरणों से समृद्ध है, जिसका लाभ उठाकर विद्यार्थी अपना सैद्धांतिक व व्यवहारिक ज्ञानवर्धन कर सकते हैं। बी फार्मा करने वाले स्नातकों के लिए सामान्य स्नातक करने वाले छात्रों की तुलना में विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध हैं।

वर्तमान में बी फार्मा करने वाले छात्र सरकारी क्षेत्रों में फार्माकोपिया कमीशन, पीसीआई और अन्य स्टेट फार्मेसी कॉउंसिल के माध्यम से रोजगार के कई मौके मिल रहे हैं। बी फार्मा के शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात् रोजगार की असीम संभावनाएँ, जिनमें कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं-

फार्मासिस्ट सभी सरकारी हॉस्पिटलों में फार्मासिस्ट की नियुक्ति होती है। जैसे-आर्मी फार्मासिस्ट, रेलवे फार्मासिस्ट। इसके लिए बी फार्मा या डी फार्मा होना आवश्यक है।

फार्माकोबिजिलेंस दवा प्रतिक्रियाओं की निगरानी और रिपोर्ट जैसे अहम काम करते हैं। बी फार्मा किये हुए छात्र इसकी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

ड्रग इंस्पेक्टर बी फार्मा युवा सरकारी एजेंसियों के लिए ड्रग इंस्पेक्टर के तौर पर दवा कानूनों की निगरानी, उत्पादन सुविधाओं का निरीक्षण करने और उत्पादित दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेवार होते हैं। इसके लिए स्टेट जीएससी या यू०एस०सी० के ड्रग इंस्पेक्टर की परीक्षा में शामिल होना पड़ता है। निजी फार्मा कम्पनियों में दवाओं से संबंधित शोध और अनुसंधान में बहुत काम वर्तमान में हो रहा है। वर्तमान में फार्मासिस्ट लाइसेंस लेकर खुद का काम कर सकते हैं। हर्बल मेडिसिन, न्यूट्रास्यूटिकल्स और कॉस्मेटिक सहित पूरक क्षेत्रों में भी बी फार्मा के लोगों को मौका मिल रहा है। ई-कॉमर्स की तरह ई-फार्मेसी में भी बी०फार्मा स्नात्कों के लिए मौके होते हैं। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ई-फार्मेसी का मार्केट अगले पाँच सालों में 38 से 40 फीसदी की दर से बढ़ने की संभावना है।

विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के द्वारा ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी को संबंधन प्राप्त हाने पर महाविद्यालय के प्राचार्या नीतू सिन्हा समेत प्रबंधन के सभी सदस्यों ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय प्रशासन को सहृदय धन्यवाद अर्पित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने हर्ष व्याप्त है।

इस अवसर पर प्रेस वार्ता को सचिव श्री शम्भु कुमार ने कहा कि महाविद्यालय पठन-पाठन की आधुनिक तकनीकों और उपकरणों से समृद्ध है, जिसका लाभ उठाकर विद्यार्थी अपना सैद्धांतिक व व्यवहारिक ज्ञानवर्धन कर सकते हैं। बी फार्मा के शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात् विद्यार्थी सामान्य स्नातक डिग्री धारियों को मिलने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं संबंधी रोजगार अवसरों के साथ-साथ मेडिकल क्षेत्र में एक बेहतर कैरियर का निर्माण कर सकते हैं।

इस अवसर पर निदेशक विनय कुमार ने कहा कि महाविद्यालय ने आधुनिक शिक्षा के एक नए आयाम के तौर पर बी फार्मा का संबंधन प्राप्त कर एक नया किर्तिमान स्थापित किया है जो मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए ज्ञानार्जन व कौशल विकास के प्रति दृढ़ संकल्पित है। महाविद्यालय गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन की उपयुक्त वातावरण प्रदान करता है।

इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता संबंधी कार्यक्रम को सफल बनाने में नीतू सिंहा, रंजन कुमार, सुखदेव कुमार कुशवाहा, मनोज कुमार मेहता, शिल्पा कुमारी, गुंजन प्रकाश, रंजीत कुमार, चन्द्र भूषण ओझा, काजल कुमारी, मारिया जबीन, अनिता कुमारी, स्नेहा कुमारी, ममता गुप्ता, मनोज कुमार, गौतम कुमार, पम्मी कुमारी, गायत्री कुमारी, आस्था कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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