लक्कड़: केरल में कुछ दिन पहले एक ऐसे वारदात को अंजाम दिया गया था, जिससे सभी हिल गए थे. स्थानीय पुलिस को भी मामले को सुलझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. अधिकारियों ने इस मामले को कुछ ही घंटे में सुलझाने का दावा किया है. दरअसल, मां और बेटे की हत्या कर दी गई थी. डबल मर्डर की इस घटना से आमलोगों के साथ ही पुलिस के भी होश उड़ गए. पुलिस का कहना है कि आपसी रंजिश की वजह से इस घटना को अंजाम दिया गया.जानकारी के अनुसार, केरल के उत्तरी जिले पलक्कड़ में दो दिन पहले हुई मां-बेटे की हत्या मामले में लंबे समय से चली आ रही रंजिश वजह थी. पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि इस मामले में पड़ोसी चेंथामारा (58) ने 72 वर्षीय लक्ष्मी और उनके 53 वर्षीय बेटे सुधाकरण की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी. चेंथामारा को मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक, उसे हत्या को लेकर कोई पछतावा नहीं था, बल्कि वह अपने इस वीभत्स काम से प्रसन्न ही दिखा. पलक्कड़ के एसपी अजीत कुमार ने बताया कि चेंथामारा को बीएनएस की धारा 103 (हत्या) के तहत गिरफ्तार किया गया है.
परिवारों के बीच पुरानी दुश्मनी
पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी और पीड़ित परिवार के बीच पुरानी दुश्मनी थी. चेंथामारा को शक था कि पीड़ित परिवार की वजह से ही उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया था. पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश पहले से बनाई गई थी और आरोपी ने हत्या के लिए हथियार भी खरीदकर रख लिया था. गिरफ्तारी से बचने के लिए चेंथामारा जंगल में छिप गया था और 24 घंटे तक वह पुलिस को चकमा देता रहा. पुलिस अधिकारी ने बताया कि वह इलाके को अच्छी तरह जानता था और छिपने की जगहों से वाकिफ था. वह पुलिस के तलाशी अभियान को छिपकर देख रहा था.
भूख ने कराई गिरफ्तरी
भूख लगने के कारण वह अपने घर की ओर आया, जहां पुलिस ने उसे पकड़ लिया. चेंथामारा इस हत्याकांड को अंजाम देते समय जमानत पर बाहर था. इससे पहले साल 2019 में उसे सुधाकरण की पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. कांग्रेस और सुधाकरण के बच्चों ने नेम्मारा पुलिस पर आरोप लगाया है कि स्थानीय लोगों और परिजनों की शिकायतों के बावजूद उसने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि पुलिस को पता था कि चेंथामारा जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर गांव लौट आया था.
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